बता दें कि कोरोना अस्पताल बनाए जाने के बाद से दून अस्पताल में इमरजेंसी के मरीज भी कम आ रहे हैं। 108 सेवा की एंबुलेंस के कर्मचारी भी उन्हें राजकीय जिला अस्पताल या अन्य सरकारी अस्पतालों में ले जा रहे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ आशुतोष सयाना ने बताया कि फ्लू की ओपीडी में अब मरीजों की संख्या घटने लगी है। ऐसे में डाॅक्टरों और अन्य स्टाफ की व्यस्तता अनावश्यक ज्यादा न बढ़े इसे देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है। अगर कोई इमरजेंसी मरीज आता भी है तो उन्हें अलग कक्ष में रखा जाएगा।
आने वाले रविवार को इसका ट्रायल भी किया जाएगा। इसी तरह, दून अस्पताल की मोर्चरी में अन्य अस्पतालों से लाकर रखे जाने वाले शवों की व्यवस्था राजकीय जिला अस्पताल में किए जाने को लेकर उच्च अधिकारियों से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम से कम हो।