इसके अलावा पुलिस लाइन के पास रहने वाले अरुण सक्सेना ने अपनी प्रॉपर्टी को भी सरकारी उपयोग में लाने की पेशकश की है। उनका कहना है कि ये संपत्ति खाली है, हो सकता है सरकार के काम आ जाये।
मदद के लिए प्रशासन को लगातार लोगों की अपील आ रही हैं। हर्रावाला निवासी राकेश सुंदरियाल ने भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी 50 बेड की संपत्ति को अधिग्रहित करने की पेशकश की है। ताकि यहां पर क्वारंटीन सेंटर या राहत शिविर बनाया जा सके।