शाही स्नान के बाद अखाड़ों में कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। अखाड़ों में संक्रमित संतों का आंकड़ा 49 पहुंच गया है। हरिद्वार जिले में कुंभ के दौरान करीब 2483 संक्रमित मिले।
देहरादून स्थित एक निजी अस्पताल में अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देवदास (65) की मौत हुई है। महामंडलेश्वर कोविड जांच में संक्रमित पाए गए थे। उनको सांस में तकलीफ और बुखार की शिकायत थी। श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के वयोवृद्ध महामंडलेश्वर कपिल देव दास की मौत से बैरागी संत समाज सहित पूरी कुंभनगरी में सकते में है।
हरिद्वार में महामारी का खतरा
कोविड के साए में महाकुंभ स्नान से हरिद्वार में महामारी का खतरा मंडराने लगा है। 12 से 14 अप्रैल तक तीन स्नान पर गंगा में 49 लाख 31343 संतों और श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। जिले में 1854 पॉजिटिव मरीज मिले, जो गुरुवार को बढ़कर 2483 पहुंच गए। कई संत और श्रद्धालु बीमार भी हैं।
रुड़की विवि के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ इससे संक्रमण का फैलाव कई गुना बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि कोरोना का वायरस ड्राई सरफेस की तुलना में गंगा के पानी में अधिक समय तक एक्टिव रह सकता है।
गंगा का पानी बहाव के साथ वायरस बांट सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमित व्यक्तियों के गंगा स्नान और लाखों की भीड़ जुटने का असर आगामी दिनों में महामारी के रूप में सामने आ सकता है।
हरिद्वार में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रसार के चलते पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने 17 अप्रैल को कुंभ मेला समापन की घोषणा कर दी है। वहीं आनंद अखाड़े ने भी 17 अप्रैल को कुंभ के समापन की घोषणा कर दी है।
निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी। महाकुंभ में हर बड़े स्नान के बाद करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की जांच कराई गई। इनमें केवल 33 पुलिसकर्मी ही संक्रमित मिले। ड्यूटी में लगाई गई 50 फीसदी फोर्स वापस बुला ली गई है। अब कुंभ भी औपचारिक ही रह गया है। 27 अप्रैल को अखाड़ों के स्नान है उसमें सारे अखाड़े शामिल नहीं होते हैं।
इस बार कोविड-19 में पिछले साल से ज्यादा पुलिस सख्ती से पेश आएगी इसका उदाहरण महज 21 दिन की कार्रवाई से दिख रहा है। इस दरमियान पुलिस ने कुल सवा लाख चालान काट कर एक करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला है। पिछले पूरे एक साल में पुलिस ने कुल 10 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला था। यह एक करोड़ एक महीने का भी नहीं था, लेकिन इस बार यह कहीं अधिक होगा।
देहरादून जिले में 10 नए कंटेनमेंट जोन बने
राजधानी देहरादून में अब तक कुल संक्रमित हुए लोगों की संख्या 37 हजार के पार हो गई है। 31116 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में 5151 लोग संक्रमित हैं, जिनका अलग-अलग स्थानों पर उपचार चल रहा है। संक्रमित मिलने के बाद शहर में 10 नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।
इनमें इंदिरा नगर कांवली, आसरा बायस शेल्टर होम, मोहित विहार जीएमएस रोड, गुजराडा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड, ग्रेस एकेडमी न्यू कैंट रोड, कारगी बंजारावाला, स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग चंदर नगर, कालिका विहार माजरी माफी, शीशम हॉस्टल एफआरआई, वसंत विहार फेज-दो और डोईवाला के वार्ड संख्या-13 शामिल हैं। कुछ क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त किया गया है।