कोरोना के चलते नैनीताल हाईकोर्ट ने वकीलों से लेकर कैदियों तक को राहत दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि आगामी 31 मार्च तक कोर्ट में केवल आवश्यक काम ही किए जाएंगे। कोई कैदी न रिमांड के लिए आएगा और न ही किसी गवाह की गवाही की बाध्यता होगी। ऐसी स्थिति में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
हाईकोर्ट के इन आदेशों की जानकारी सोमवार को देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने दी है। उन्होंने बताया कि कोर्ट परिसर में हर रोज हजारों की तादात में लोग इकट्ठा होते हैं। हर रोज सैकड़ों कैदियों को लेकर पुलिसकर्मी रिमांड व पेशी पर लेकर आते हैं। इन सब स्थिति को देखते हुए एसोसिएशन की ओर से एक मेल हाईकोर्ट नैनीताल को भेजी गई थी। इस पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश रंगनाथन ने सोमवार को आदेश जारी किए हैं।
एडवोकेट कंडवाल ने बताया कि अधीनस्थ कोर्ट में केवल आवश्यक काम ही किए जाएंगे। इस दौरान कोई गवाह नहीं आएगा। आमतौर पर किसी भी गवाह के न आने पर कोर्ट कार्रवाई कर सकता है, लेकिन 31 मार्च तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस दौरान किसी वकील का आना भी अनिवार्य नहीं होगा। कैदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की जा सकती है। हालांकि, इस दिशा में अभी कोई आदेश या निर्देश नहीं मिला है।