प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कोरोना वायरस को रोकने और सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए विशेेष अभियान चलाया है। इसके तहत निकायों में 97 हजार भवनों को संक्रमण से मुक्त करने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइड दवा का छिड़काव किया गया।
सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वच्छता कर्मचारी जोखिम उठा कर रात दिन शहरों की सफाई में लगे हैं। निकायों के माध्यम से प्रवासी, बेसहारा व गरीब लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को 6700 से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई।
लॉक डाउन के दौरान सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए 43 सौ दुकानों के आगे एक-एक मीटर की दूरी पर निशान लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाने की अपील की है। ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। सचिव ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर 3.75 लाख लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव 97 हजार भवनों को संक्रमण मुक्त करने के लिए किया गया है।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को पुलिस लाइन में बने नोवल कोरोना वाइरस कोविड 19 कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कोरोना से जंग को किए इंतजामों की तारीफ की। उन्होंने मुख्य सचिव को दून पुलिस के मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने को कहा। मंत्री ने लॉक डाउन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री कौशिक ने दोपहर बाद डीआईजी अरुण मोहन जोशी के साथ कन्ट्रोल रूम की तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जोशी ने कन्ट्रोल रूम आने वाली शिकायतों के निस्तारण और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने उधम सिंह नगर के एसएसपी से लॉक डाउन को लेकर बातचीत की। निरीक्षण के पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कन्ट्रोल रूम बेहतर तरीके से कम कर रहा हैं।
उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल सिंह से फोन पर बात कर कंट्रोल रूम की तारीफ की। कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश के राहत कार्य का समन्वय हो रहा है । प्रतिदिन प्राप्त लगभग 5000 कॉल का निस्तारण हो रहा है। 55 से 60 पुलिसकर्मी 24 घण्टे ड्यूटी दे रहे है। फोन नंबर 2722100 पर एक साथ 30 कॉल रिसीव करने की व्यवस्था की गई है। कंट्रोल रूम को प्रदेश के सभी थानों से जोड़ा गया है। यह भी प्रयास किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को भोजन या रावत सामग्री वितरण करनी है तब वह क्षेत्र के थानों के माध्यम से ही लोगों को मदद पहचा सकता हैं। मंत्री ने कहा कि कण्ट्रोल रूम की गतिविधियों की जानकारी लेने के साथ राहत,बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिये महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं।