उन्होंने बताया कि नवसृजित प्रयोगशाला में टेस्टिंग का रिजल्ट बीते 26 मार्च को आईसीएमआर को भेजा गया। जिस पर 27 मार्च को आईसीएमआर द्वारा सहमति
दे दी गई थी।
संस्थान में कोविड 19 प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. दीप ज्योति कलिता ने बताया कि अब तक संस्थान में कोविड 19 की जांच के सैंपल वायरोलॉजी लैब हल्द्वानी व पूणे भेजने पड़ते थे।
लिहाजा रिपोर्ट आने में चार से 10 दिन का समय लगता था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान में एक दिन में 25 टेस्ट किए जा सकते हैं। जबकि दो सप्ताह बाद प्रतिदिन 50 टेस्ट की सुविधा मिल सकेगी।