जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि समिति ने कुछ और भी दिशा निर्देश प्रशासन को दिए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है कि समिति ने कुछ अपराध चिन्हित किए हैं, जिनके कैदियों को पैरोल पर रिहा नहीं किया जाएगा। इसका सभी को पालन करना होगा।
-पोक्सो के विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदी।
-महिलाओं पर अपराध के कैदी।
-दंगा भड़काने के आरोपी और सजायाफ्ता कैदी।
-जाली करंसी छापने या संचालन करने वाले कैदी।
- बच्चों के अपहरण के आरोपी व सजायाफ्ता कैदी।
-एंटी करप्शन के मामलों में जेलों में बंद कैदी।
- आर्थिक अपराधों में बंद कैदी।
- गैंगेस्टर।
- कमर्शियल मात्रा में जिनके पास से नशीले पदार्थ बरामद हुए।