12 राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए 72 घंटे के भीतर की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाने के आदेश से पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है। आदेश के बाद से पर्यटकों ने रामनगर घूमने के लिए होटल-रिजॉर्ट में की गईं बुकिंग को निरस्त करना शुरू कर दिया है। दो दिनों में करीब 50 फीसदी बुकिंग रद्द हो चुकीं हैं। हालांकि कॉर्बेट प्रशासन कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए पर्यटकों को सफारी करा रहा है। पर्यटकों को बिना मास्क के प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
लॉकडाउन के करीब एक साल बाद पर्यटन कारोबार पटरी पर लौट रहा था, लेकिन अचानक कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। इससे सरकार के उत्तराखंड में प्रवेश करने पर कोरोना जांच रिपोर्ट साथ होने के आदेश से पर्यटन कारोबार पर असर पड़ने लगा है। इस बीच, रामनगर आने वाले पर्यटकों की संख्या घटने लगी है। साथ ही होटलों की बुकिंग निरस्त होनी शुरू हो गई है। दो दिन में 10 अप्रैल तक की करीब 50 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। इससे होटल कारोबारियों में निराशा है।
रामनगर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान ने बताया कि सरकार की सख्ती का असर कारोबार पर पड़ रहा है। होटलों की बुकिंग निरस्त हो रहीं हैं। अब तक 50 प्रतिशत के आसपास बुकिंग रद्द हो चुकीं हैं। रोजगार और पर्यटन को बचाने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया तो इस पर्यटन सीजन में भी कारोबार खत्म हो जाएगा।
कोविड नियमों में शिथिलता देने की मांग
सैलानियों की कोरोना जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता के आदेश से हड़कंप है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को जिप्सी चालकों ने विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी को ज्ञापन देकर कोविड गाइडलाइन में शिथिलता बरतने की मांग उठाई। पर्यटक एवं रोजगार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जिप्सी चालकों ने ज्ञापन सौंपा। कहा कि कोविड जांच की अनिवार्यता से अधिकांश बुकिंगें निरस्त हो रहीं हैं। इससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है।