उत्तराखंड सचिवालय में चार नौकरशाह कोरोना संक्रमण की जद में आ गए हैं। इनमें एक अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और एक अपर सचिव शामिल हैं। बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंतित उत्तराखंड सचिवालय संघ ने सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने और कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत करने की मांग की है।
सचिवालय में पांच नौकरशाहों के संक्रमित होने से सचिवालय व निदेशालयों के उन अधिकारी-कर्मचारियों में दहशत है जो हाल ही में इन नौकरशाहों के संपर्क में आए थे। बहरहाल, कोरोना की जद में आए तीन आईएएस अधिकारियों ने उनके संपर्क में आए अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचना देकर उन्हें अपनी कोविड जांच कराने की सलाह दी है। साथ तीनों अधिकारी अपने घरों में आइसोलेट हो गए हैं। जबकि अपर सचिव वल्दिया आठ अप्रैल को ही कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थीं।
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ये नौकरशाह जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार नियोजन, प्रमुख सचिव वन आनंद बर्द्धन, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अपर सचिव एसएस वल्दिया।
टीकाकरण उत्सव मनाकर लगवाई टीके की दूसरी डोज
टीकाकरण उत्सव के तहत वेलमेड हॉस्पिटल में क्लेमेेंटटाउन रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के सभी सदस्यों ने टीके की दूसरी डोज लगवाई और एक दूसरे को बधाई दी। समिति के अध्यक्ष कर्नल सुरेश चंद त्यागी ने कहा कि भारत में वैक्सीन का कार्यक्रम सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई के पात्र हैं। उपाध्यक्ष महेश पांडेय ने कहा कि कुछ लोग अभी भी भ्रामक प्रचार के जाल में फंसे हुए हैं। जबकि पूरे विश्व में भारत निर्मित वैक्सीन की मांग है।
अभी सचिवालय प्रशासन को आईएएस अधिकारियों को कोरोना संक्रमित होने की अधिकृत सूचना नहीं है। मंगलवार को इसकी जानकारी लेकर सभी के कार्यालय कक्षों को सैनिटाइज कराया जाएगा।
- बीएस मनराल, प्रभारी सचिव, सचिवालय प्रशासन
कार्मिकों की जानमाल की सुरक्षा के लिए राज्य सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पुन: अंकुश लगाया जाना चाहिए और कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करने के लिए तत्काल निर्देश जारी होने चाहिए।
- दीपक जोशी, अध्यक्ष, उत्तराखंड सचिवालय संघ