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हरिद्वार: बेकाबू हो रहा कोरोना संक्रमण, ढूंढे नहीं मिल रहे प्लाज्मा डोनर

Fri, 16 Apr 2021 11:26 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • कुंभनगरी में कई गंभीर मरीजों को देहरादून और ऋषिकेश के हायर सेंटरों में रेफर करना पड़ रहा है। हायर सेंटर में मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी के लिए डोनर मांगे जा रहे हैं, लेकिन जिलेभर में प्लाज्मा डोनर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।
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प्लाज्मा थेरेपी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कुंभनगरी हरिद्वार में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। कई गंभीर मरीजों को देहरादून और ऋषिकेश के हायर सेंटरों में रेफर करना पड़ रहा है। हायर सेंटर में मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी के लिए डोनर मांगे जा रहे हैं, लेकिन जिलेभर में प्लाज्मा डोनर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।

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गंभीर कोविड संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी दी जाती है। इनमें स्वस्थ हो चुके लोगों का प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। कोरोना से ठीक होने वाला व्यक्ति 90 दिन तक अपना प्लाज्मा दे सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस अवधि में ही प्लाज्मा डोनर के शरीर में अच्छी एंटबॉडी रहती है। कुछ दिनों से हरिद्वार में कोविड संक्रमितों का दैनिक आंकड़ा 500 पार जा रहा है।

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कई गंभीर मरीज इलाज के लिए देहरादून और ऋषिकेश के हायर सेंटर भेजे जा रहे हैं, लेकिन इन मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी के लिए डोनर नहीं मिल रहे हैं। हरिद्वार ब्लड वालंटियर ग्रुप के संयोजक अनिल अरोड़ा ने बताया कि उनके ग्रुप के पास लगातार प्लाज्मा की मांग आ रही है। वे और ग्रुप के अधिकांश सदस्य तीन बार प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं। हाल यह है कि अब प्लाज्मा डोनर ढूंढे से नहीं मिल रहा है।

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ब्लड वालंटियर विशाल अनेजा का कहना है कि पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वस्थ हो चुके लोगों को फोन कर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए जागरूक किया जाता था, लेकिन अब भी वह भी बंद है। शेखर सतीजा का कहना है कि विभाग को स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रम से जुड़ी संस्थाओं को स्वस्थ हो चुके संक्रमितों की सूची उपलब्ध करानी चाहिए ताकि जरूरतमंदों की मदद हो सके। 

मामला संज्ञान में नहीं है। अगर स्वस्थ हो चुके लोगों को प्लाज्मा थेरेपी के लिए जागरूक नहीं किया जा रहा है तो निदेशालय को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रम से जुड़ी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। 
-डॉ. एसके झा, सीएमओ, हरिद्वार

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