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उत्तराखंड: कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश में सवा करोड़ की आबादी पर सिर्फ 842 वेंटिलेटर 

Thu, 13 May 2021 11:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को मिला था। उस समय में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के पास मात्र 116 वेंटिलेटर और 216 आईसीयू बेड थे। 
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वेंटिलेटर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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कोविड काल के एक साल बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड में सवा करोड़ की आबादी पर सिर्फ 842 वेंटिलेटर की व्यवस्था हो पाई है। एक साल के भीतर 726 वेंटिलेटर और 1120 आईसीयू बेड बढ़ाए गए हैं। पहले की तुलना सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में स्वास्थ्य इंतजाम कम पड़ रहे हैं। 

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प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को मिला था। उस समय में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के पास मात्र 116 वेंटिलेटर और 216 आईसीयू बेड थे। इसके साथ 673 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड थे।

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कोविड काल के एक साल के भीतर सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचा और उपकरण बढ़ाए हैं। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में सरकार के ये इंतजाम कम पड़ गए हैं। पर्वतीय जिलों के अधिकतर अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की सुविधा काफी कम है। जबकि मैदानी जिलों के साथ ही पहाड़ों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है।

श्रेणी                         वर्ष 2020         वर्ष 2021
आईसीयू                     216                1336
वेंटिलेटर                    116                  842
ऑक्सीजन बेड            673                 6002
ऑक्सीजन कंसट्रेटर     275                 3275
ऑक्सीजन सिलिंडर     1193               9917
 
यहां लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट
प्रदेश में 9 ऐसे स्थान हैं जहां ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। जिनमें मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल चमोली, एसडीएच नरेंद्र नगर, जिला अस्पताल अल्मोड़ा, जिला अस्पताल चंपावत, जिला अस्पताल उत्तरकाशी, जिला अस्पताल पिथौरागढ़ शामिल है।

कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
-अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य 

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उत्तराखंड में प्रति लाख आबादी पर 771 सक्रिय मामले

कोरोना सक्रिय मामलों में उत्तराखंड का हिमालयी राज्यों में पहला और राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान है। प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर 771 सक्रिय मामले हैं। जबकि पड़ोसी राज्यों में यह सक्रिय मामलों का औसत कम है। 

प्रदेश में संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने से सक्रिय मामले तेजी बढ़ रहे हैं। वर्तमान में सक्रिय मामले 78304 पहुंच गए हैं। देश में सक्रिय मामलों में उत्तराखंड का सातवां स्थान है। जबकि हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड पहले स्थान पर है।

सोशल डवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर उत्तराखंड में सक्रिय मामलों में देश में सातवें स्थान पर है। जबकि हिमालयी राज्यों में पहला स्थान है। जिस तेजी के साथ सक्रिय मामले बढ़ रहे है। वो चिंताजनक है। 

राज्य                सक्रिय मामले प्रति लाख आबादी पर
उत्तराखंड                771
हिमाचल                  573
सिक्किम                 478
मणिपुर                   195
मिजोरम                 185
आंध्र प्रदेश               150
मेघालय                    113
त्रिपुरा                      100
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