देश में कोरोना के बढ़ते मामलों और लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंड लौटे हैं। इनके साथ छोटे बच्चे भी हैं। बाल विकास विभाग के मुताबिक शून्य से छह साल के करीब 4000 से अधिक बच्चे उत्तराखंड पहुंचे हैं। वहीं, छह से ज्यादा साल के बच्चों का शिक्षा विभाग सर्वे करा रहा है।
बाल विकास विभाग के उपनिदेशक एसके सिंह के मुताबिक प्रवासी बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से राशन पहुंचाया जा रहा है। उनके टीकाकरण के साथ ही उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों से भी जोड़ा जा रहा है।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक प्रवासियों के साथ लौटे छह साल से बड़े बच्चों का सर्वे कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को यह बताया गया है कि प्रवासी बच्चों को बिना प्रमाण पत्र के स्कूलों में एडमिशन दिया जाए।