शहर के तीन और होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया है। इन होटलों में चिन्हित संक्रमित व्यक्तियों को चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में रखा जाएगा। इसके अलावा कुछ होटलों में अस्पतालों के मेडिकल स्टाफ को भी रखा जाएगा।
अभी तक जिले में लगभग 30 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट भवनों को क्वारंटीन सेंटर व राहत शिविर के रूप में अधिग्रहित किया जा चुका है। जिले में लगभग साढ़े तीन हजार लोगों को क्वारंटीन करने के लिए बेड की व्यवस्था कर चुका है। इसी कड़ी में सहारनपुर रोड के होटल वॉयसराय इन जिसमें 29 कमरे, जीएमएस रोड के होटल स्काइ स्केपरस में 37 कमरे और होटल दून कैसल के 20 कमरों को प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
इधर, प्रशासन के मुताबिक शहर के एक बड़े अस्पताल को भी कोविड19 अस्पताल के रूप में चिन्हित किया जा रहा है। चूंकि, इस अस्पताल में सिर्फ कोरोना मरीजों और संदिग्धों को इलाज किया जाना है तो इनके मेडिकल स्टाफ भी घर नहीं जा सकते हैं। लिहाजा, इस अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को भी इन्हीं होटल में ठहराया जाएगा। इससे पहले दून अस्पताल के डॉक्टरों को भी अलग से होटल में ही ठहराया जा रहा है।