राजधानी देहरादून के किस अस्पताल में किस श्रेणी के बेड खाली है, जिला प्रशासन आज से इसकी विस्तृत सूची जारी करेगा। इससे अस्पताल खाली बेड की संख्या को लेकर झूठ नहीं बोल सकेंगे। इसके अलावा मरीजों को भी सहूलियत मिलेगी। मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसकी पहल की है।
कई प्राइवेट अस्पताल सरकार और मरीजों को खाली बेड की अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं। इसमें छोटे-बड़े सभी तरह के अस्पताल शामिल हैं। यह सरकार को अपने यहां बेड खाली होने की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके आधार पर जिला प्रशासन रोजाना खाली बेड की संख्या सार्वजनिक करता है।
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जबकि इन्हीं अस्पतालों में जब मरीज पहुंच रहे हैं, तो उन्हें बेड खाली न होने की बात कही जार ही है। इससे यह साफ है कि प्राइवेट अस्पताल सरकार और मरीजों में से किसी एक से झूठ बोल रहे हैं। इससे लोगों के मन में सरकारी आंकड़े को लेकर भ्रम भी पैदा हो रहा है।
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इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने आज से अस्पतालवार खाली बेड की सूची जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इससे जहां हर अस्पताल में बेड की संख्या का पता चलेगा। वहीं, मरीजों को भी इससे सहूलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि हालांकि जिस तेजी से मरीज बढ़ रहे हैं, उससे कुछ घंटों में ही यह आंकड़ा बदल जाएगा, लेकिन फिर भी इससे मरीजों को फायदा मिलने की संभावना है।
जिले में सोमवार को हुई थी 22 कोरोना संक्रमितों की मौत
देहरादून जिला कोरोना संक्रमितों के लिहाज से ही नहीं बल्कि कोरोना संक्रमित से हो रही मौतों के मामले में भी हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में पिछले 24 घंटे में 22 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई थी।
राज्य कोविड-19 कंट्रोल रूम से जारी बुलेटिन के मुताबिक देहरादून के एम्स ऋषिकेश में सात, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आठ, कैलाश अस्पताल में चार, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में एक और सैन्य अस्पताल में दो संक्रमित लोगों की मौत हुई।
सोमवार को 649 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि 4478 लोग नेगेटिव आए हैं। सोमवार को जिले में कुल 6551 सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे गए। सोमवार शाम तक 8024 सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई थी।