देश में मार्च से लागू लॉकडाउन से पहले बंद हुए सिनेमाघरों की स्थिति 10 महीने बाद भी पटरी पर नहीं लौट पा रही है। दून में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मामले और संक्रमण फैलने की डर से दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म देखने से बचना चाहते हैं, जिसके चलते जो सिनेमा हॉल बीते महीने खुले थे, वे फिर बंद कर दिए गए हैं। उधर, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर फिल्मों के रिलीज होने से भी सिनेमाघर संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सिनेमाघर संचालकों का कहना है कि सिनेमाघर बंद होने से हर महीने करीब लाखों का नुकसान हो रहा है। दीपावली के बाद खुले सिनेमाघरों में दर्शक न आने की वजह से सिनेमा के रखरखाव के लिए भी जेब से रुपये लगाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि अब शहर में कुल दो ही सिनेमाघर खुले हैं। एक राजपुर रोड स्थित पीवीआर और दूसरा वसंत विहार स्थित कार्निवल सिनेमा। संकट के इस दौर से निपटने के लिए सरकार को कुछ मदद करनी चाहिए।
वहीं, राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के एक कर्मचारी ने बताया कि एक मल्टीप्लेक्स सिनेमाघर से करीब 50 कर्मचारी जुड़े हैं। सिनेमाघर का कारोबार ठप होने से सैकड़ों परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लॉकडाउन लागू होने से पहले दून के सिनेमाघरों को बंद कर दिया गया था। दीपावली के बाद सिनेमाघरों को खोला था। लेकिन 21 दिनों में इतनी भी कमाई नहीं हुई कि अपने खर्च निकल सकें। ऐसे में सिनेमाघर संचालकों को अधिक आर्थिक नुकसान न हो इसके लिए दून के दो सिनेमाघरों को छोड़कर अन्य सभी को बंद किया गया है।
- सुयश अग्रवाल, सचिव, उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन
लॉकडाउन के बाद खुले पीवीआर में दर्शकों की सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए हैं। संकट के इस समय में सिनेमा प्रबंधक की ओर से लिए फैसलों का दर्शक भी सहयोग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बड़ी फिल्म रिलीज की कतार में हैं। उम्मीद है कि पीवीआर में दर्शकों की संख्या बढ़ने के साथ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी बढ़ेगा।
- मनोज जीएम, पीवीआर सिनेमा