दिल्ली में कोरोना के उफान और उत्तराखंड में नई लहर के खतरे के बीच 36वें हफ्ते में टेस्टिंग का कम होना भी चिंताजनक माना जा रहा है। 36वें हफ्ते में 15 से 21 नवंबर के बीच 64,278 टेस्ट हुए। जबकि पिछले माह 32वें हफ्ते में 18 से 24 अक्तूबर के मध्य 85,110 टेस्ट हुए थे।
चार हफ्तों से यूं बढ़ी संक्रमण दर
सप्ताह - संक्रमण दर
33वां - 2.85 प्रतिशत
34वां - 3.53 प्रतिशत
35वां - 4.11 प्रतिशत
36वां - 4.34 प्रतिशत
अब ये करना बहुत जरूरी
1. प्रदेश में कोरोना की टेस्टिंग बढ़ानी होगी।
2. जनजागरण नए सिरे से करने की आवश्यकता।
3. लहर आने की आशंका, उसके लिए पूरी तैयारी हो।
दिल्ली में कोरोना के उफान से उत्तराखंड सरकार की पेशानी पर बल हैं। नजदीक होने के चलते दिल्ली से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा उत्तराखंड ज्यादा महसूस कर रहा है।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिल्ली की तुलना चीन से कर डाली। उन्होंने दिल्ली में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों पर कहा कि जैसे चीन से कोरोना वायरस दुनिया में गया, ऐसे ही दिल्ली से आज कोरोना वायरस उत्तराखंड की ओर से तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खास सावधानी बरतने की अपील की। खासतौर पर उन्होंने दिल्ली से उत्तराखंड आने वाले और उत्तराखंड से दिल्ली जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
बकौल मुख्यमंत्री, दिल्ली से कोरोना संक्रमण के जिस तरह से आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह बहुत चौंकाने वाले हैं। मुख्यमंत्री की यह चिंता शनिवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या में भी दिखी है।
शनिवार को 585 मामले सामने आए। सीएम रावत के बयान के सियासी मायने टटोले जा रहे हैं। उधर, इलेक्ट्रानिक मीडिया में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हवाले से प्रतिक्रिया सामने आई है, इसमें मनीष सिसौदिया ने सीएम त्रिवेंद्र पर पलटवार किया है कि वह पहले अपने राज्य के अस्पतालों की हालत सुधारें।