कोरोना काल के दौरान अभिभावकों की ओर से फीस जमा न करने से करीब 80 फीसदी स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। यह बात प्रिंसिपल प्रोगेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने कहीं।
उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने के बाद मात्र 30 फीसदी अभिभावकों ने फीस जमा की है। जबकि, स्कूल प्रबंधक को अपने शिक्षकों, कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन देने के साथ अन्य खर्चे भी उठाने पड़ रहे हैं।
कई स्कूल प्रबंधक की ओर से बैंक से ऋण लिया गया है। फीस न आने की वजह से वह बैंक की किस्त नहीं चुका पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। इसके लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। बताया कि इस संबंध में शिक्षा सचिव समेत कई अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
स्कूल प्रबंधकों की ओर से बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। प्रदेश में कोरोना के मामले फिर बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था तैयार करनी होगी।
- राम कुमार सिंघल, अध्यक्ष, उत्तराखंड अभिभावक संघ