अनलॉक-5 में प्रदेश की रिकवरी और संक्रमण दर में सुधार हुआ है। संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या अधिक होने से रिकवरी दर लगभग 87.0 हो गई है। जबकि संक्रमण दर सात प्रतिशत कम हुई है। सैंपल जांच के आधार पर प्रदेश की संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
अनलॉक-5 से पहले प्रदेश में संक्रमण दर 7.09 प्रतिशत थी। जो अब घट कर 6.83 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, रिकवरी दर में 80 प्रतिशत से बढ़ कर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रदेश में मात्र 13 प्रतिशत सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
एक अक्तूबर से लागू अनलॉक-5 में अब तक 1.30 लाख से अधिक लोगों की जांच हुई है। इसमें 7187 संक्रमित मिले हैं। प्रतिदिन औसतन 10 हजार सैंपलों की जांच हो रही है। जांच के आधार पर कोरोना मरीज कम मिलने से संक्रमण दर में कमी आई है। राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण की औसत दर 8.07 प्रतिशत है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर रोकने के लिए सरकार ने निजी अस्पतालों के साथ बृहस्पतिवार को रणनीति बनाई। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि हर हाल में मरीजों की मौतें रुकनी चाहिए। इसके लिए निजी अस्पताल केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी ट्रीटमेंट प्रोटोकाल के अनुसार संक्रमित मरीजों का इलाज करें। वहीं, डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाए।
बृहस्पतिवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिले के सभी निजी अस्पतालों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस बैठक में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ रही मौत पर निजी अस्पतालों से फीड बैक लिया गया।
सचिव ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि संक्रमित मरीजों के ऊपर विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओर से विशेष निगरानी रखी जाए। बैठक में प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।