उत्तराखंड में कोविड के कारण बंद पड़े पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने के लिए पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यवसायियों ने सरकार को साहसिक पर्यटन खोलने और पर्यटकों के लिए क्वारंटीन अवधि को सात दिन से कम करने का सुझाव दिया है।
शनिवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कोविड से पर्यटन उद्योग को हुए नुकसान और पर्यटन से जुड़ी समस्याओं को लेकर व्यवसायियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। कोरोना संक्रमण के साथ प्रदेश में पर्यटन कारोबार को पटरी पर लाने के लिए सुझाव भी लिए गए। होटल, राफ्टिंग, एयरो स्पोर्ट्स, सीआईआई और फिक्की के प्रतिनिधियों ने साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को खोलने का सुझाव दिया।
पर्यटन सचिव ने बताया कि सरकार की तरफ से पर्यटन उद्योगों में काम करने वाले कर्मियों को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता जिलाधिकारियों के माध्यम से दी गई। अब तक 2.50 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। होटल उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि कोविड टेस्ट को लेकर असमंजस की स्थिति है।
पर्यटकों के लिए क्वारंटीन अवधि को सात दिन से कम किया जाए। जिससे बाहरी राज्यों के पर्यटक प्रदेश में आ सके। प्रदेेश की सीमाओं पर पर्यटक सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएं। शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में अधिकतम 50 अतिथियों की संख्या के स्थान पर प्रति वर्ग मीटर के आधार पर अतिथियों की संख्या तय की जाए। ट्रैकिंग गतिविधियों को खोलने के लिए वन विभाग को दिशा निर्देश जारी किए जाए।
साहसिक पर्यटन की गतिविधियों के संचालन के लिए एडवेंचर टूअर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीएएआई) की ओर से तैयार की गई गाइडलाइन को प्रयोग में लाया जाए। सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पर्यटकों से जुड़ी समस्याओं एवं उनके समाधान के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने के सुझाव दिया। फिक्की की ओर से राज्य में पर्यटन को बढ़ाने के लिए पर्यटकों को विशेष छूट देने और सकारात्मक प्रचार अभियान चलाने का सुझाव दिया।