कोरोना का इलाज करने के लिए केंद्र की ओर से तय की गईं दरों से 20 प्रतिशत कम पर निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज किया जाएगा। निर्धारित दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से लेंगे। इसमें पीपीई किट का खर्च भी शामिल है। यदि कोई निजी अस्पताल सरकार की ओर से तय दरों से अधिक वसूली करेगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ.विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलाज की दरें तय की हैं। केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पतालों की ओर से लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने कोरोना इलाज की दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से जो दरें तय की गई हैं, उसके आधार पर प्रदेश में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज के लिए 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में भी 80 प्रतिशत के हिसाब से इलाज की दरें तय करने का उल्लेख किया गया है।
80 प्रतिशत के अनुसार ये हैं इलाज की दरें
अस्पताल की श्रेणी आइसोलेशन आईसीयू आईसीयू वेटीलेंटर
एनएबीएच मान्यता प्राप्त 8000 12000 14400
गैर मान्यता प्राप्त 6400 10400 1200