पहाड़ों की रानी मसूरी की आर्थिकी पूरी तरह से पर्यटन पर आधारित
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पहाड़ों की रानी मसूरी की आर्थिकी पूरी तरह से पर्यटन पर आधारित है। होटल, रेस्टोरेंट, दुकान सहित तमाम तरह के व्यवसायी पर्यटकों के आने पर ही निर्भर हैं। पिछली बार की तरह इस साल भी कोरोना का संक्रमण काल चल रहा है। ऐसे में पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह से ठप है। सभी होटलों, होम स्टे और रेस्टोरेंटों पर ताले लटके हैं। अन्य दुकानदार भी मायूस हैं। बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में यहां का व्यापारी वर्ग सरकार की ओर से राहत की उम्मीद लगाए है।
मसूरी शहर में करीब 383 होटल, रेस्टोंरेंट और होम स्टे हैं। मसूरी ट्रेडर्स से जुड़े 985 दुकानदार और 225 के करीब पटरी व्यवसायी हैं। यह सभी पर्यटन पर आधारित हैं। इसके अलावा छोटे-छोटे धंधे व दुकानदार भी पर्यटकों पर निर्भर हैं। कोरोना संक्रणण से इन सभी का धंधा बंद है। होटलों में ताले लटके होने से स्टाफ की छंटनी कर दी गई है। ऐसे में शहर के काफी लोग बेरोजगार हो गए हैं।
मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष आरएन माथुर के अनुसार संक्रमण के दौर में सभी तरह का पर्यटन व्यवसाय बंद है। होटलों में स्टाफ आधा कर दिया गया है। कई लोग अपने गांव चले गए हैं। ऐसे में पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को बिजली, पानी के बिलों के साथ टैक्स में भी रियायत दी जानी चाहिए। होटलों में काम करने वाले कर्मचारियों की आर्थिक मदद करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल के अनुसार पिछले साल में कोरोना संक्रमण की मार से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। शहर के व्यापारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अधिकतर व्यापारी की दुकानों का किराए भी भर नहीं पाए हैं। बिजली, पानी के बिल लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में व्यापारी की कमर टूट गई है। सरकार को छोटे और मझले व्यापारियों को आर्थिक पैकेज देना चाहिए।
कैबिनेट की बैठक में रखेंगे मामला
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में पर्यटन व्यवसाय पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटक स्थलों के होटलों, रेस्टोरेंट संचालकों के बिजली ,पानी के बिलों में रियायतें देने के मामले को कैबिनेट की बैठक में रखेंगे। साथ ही होटलों और रेस्टोंरेंट में काम करने वाले युवाओं की आर्थिक मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की सरकार क्या मदद कर सकती है उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।