पहले चरण में कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने से छूट गए स्वास्थ्य कर्मियों को दो दिन का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार ने छूटे हुए हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाने के लिए दो दिन और तय करने को कहा है। प्रदेश में अब तक 73562 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। आठ फरवरी से फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 67 हजार से अधिक फ्रंट लाइन वर्करों का डाटा तैयार कर लिया गया है।
शनिवार को प्रदेश भर में 107 बूथों पर 3470 हेल्थ वर्करों ने कोविड वैक्सीन लगवाई है। 16 जनवरी से शुरू हुए अभियान में अब तक 73562 हेल्थ वर्करों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। जो स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन लगवाने से छूट गए हैं। उन्हें 20 या 25 फरवरी को एक और मौका दिया जाएगा।
इसके बाद हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाने का अवसर नहीं मिलेगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ही राजस्व, पुलिस, स्थायी निकाय, पंचायतीराज विभाग के फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 67 हजार से अधिक वर्करों को डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड कर लिया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि छूटे हुए स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने के लिए दो दिन का मौका मिलेगा। इसके लिए 20 व 25 फरवरी की तारीख तय की जा रही है। इसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाने का अवसर नहीं मिलेगा। फ्रंट लाइन वर्करों को उनके विभागों के कार्यालय या परिसर में बूथ बना कर वैक्सीन लगाई जाएगी।