कोरोना पॉजिटिव मृतकों के शवों को कब्रिस्तान में दफनाने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। सीओ वीरेंद्र सिंह रावत ने इस पर नाराजगी भी जताई। जबकि पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार सामाजिक दूरी बनाए रखने का संदेश प्रसारित किया जा रहा था।
दोनों मरीज गंभीर अवस्था में हुए थे भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में बुधवार 3 जून को पुरकाजी मुजफ्फरनगर निवासी कोरोना पॉजीटिव 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। महिला 1 जून को एम्स ओपीडी में आई थी। महिला को अनीमिया, उल्टी एवं डायरिया की शिकायत होने पर एम्स आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था।
साथ ही प्रोटोकॉल के तहत कोरोना टेस्ट लिया गया था। लेकिन बाद में महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई और बुधवार 3 जून को उसकी मृत्यु हो गई थी। इधर, मुजफ्फरनगर निवासी एक 26 वर्षीय युवक दो जून को भर्ती हुआ था। जिसे दो दिन से सांस लेने में बहुत तकलीफ व बुखार था।
युवक को पहले इमरजेंसी में रखा गया था, कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर युवक का कोविड आईसीयू में उपचार चल रहा था, जहां बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत हो गई थी।