दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डा. केके टम्टा की तबीयत शनिवार रात अचानक खराब हो गई। रविवार सुबह उन्हें अस्पताल के वीआईपी वार्ड में भर्ती कराया गया।
डाक्टरों के मुताबिक डा. टम्टा ने शनिवार को कोरोना टीकाकरण के दौरान वैक्सीन भी लगवाई थी। रात में उनको बुखार आया। डिप्टी एमएस डा. एनएस खत्री ने बताया कि डाक्टरों की टीम उनकी देखरेख में लगी है।
उनकी एमआरआई, अल्ट्रासाउंड समेत खून की जांचें कराई गई हैं। सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। शरीर में नमक की मात्रा कम होने से उनकी तबीयत खराब हुई। उन्हें आफ्टर इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन नहीं हैं।
उधर, कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कई हेल्थ वर्करों को हल्का बुखार और दर्द हुआ। उनमें से कई ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी है। हालांकि पेरासिटामोल की गोली खाने के बाद उनकी तबीयत ठीक हो गई।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कोरोना वैक्सीन अभियान की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद समेत पूरा संत समाज कोरोना वैक्सीन लगवाएगा और भक्तजनों को भी प्रेरित करेगा।
निरंजनी अखाड़े में पत्रकारों से बातचीत में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। इसको लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा है वह सरासर गलत है। जनता भ्रम में न आएं और वैक्सीन लगवाएं। कहा कि जिन्हें वैक्सीन नहीं लगवानी है, वे न लगवाएं, लेकिन भ्रम न फैलाएं। कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सहित पूरा संत समाज सरकार के साथ है।
सभी संत कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवाएंगे। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत सरकारों की कोशिशों और व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रीमहंत ने कहा कि वैक्सीन के लिए भक्तजनों को भी प्रेरित किया जाएगा।