प्रदेश के चार मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमित मामले 77 प्रतिशत हैं, लेकिन सैंपल जांच 55 प्रतिशत हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख की आबादी पर 5339 लोगों की जांच हो रही है। अब तक 6.15 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। उत्तरकाशी जिले में प्रति लाख आबादी पर 12 हजार से अधिक लोगों की जांच गई है। जबकि नैनीताल में सबसे कम प्रति लाख पर 4342 सैंपल टेस्ट किए गए हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। इसके बाद से अब तक प्रदेश में 6.15 लाख लोगों के कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार व नैनीताल जिले में 3.41 लाख जांच की गई। इसमें 33470 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
जबकि नौ पर्वतीय जिलों की आबादी कम होने के बाद भी 45 प्रतिशत सैंपल टेस्ट किए गए। इसमें 23 प्रतिशत लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। कोरोना आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमित मामले ज्यादा मिले हैं, लेकिन पर्वतीय जिलों की तुलना में प्रति आबादी पर जांच कम हो रही है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को मैदानी जिलों में सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए सैंपल जांच पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।