प्रदेश में कोरोना मरीजों की मौत रोकना सरकार और विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना है। चार दिन के भीतर प्रदेश में 40 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। अब तक 1439 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि रिकवरी दर में सुधार आया है। वर्तमान में संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। तब से लेकर अब तक संक्रमितों की संख्या 87 हजार से ज्यादा हो चुकी है। इनमें 1439 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ा है। सरकार की ओर से जिलों को मृत्यु दर कम करने और रिकवरी दर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद प्रदेश में कोरोना मरीजों की मौतें नहीं थम रही हैं।
देहरादून जिले में सबसे अधिक 811 मरीजों की मौत हुई है। इसके बाद नैनीताल में 197, हरिद्वार में 145, ऊधमसिंह नगर में 106 मरीजों की मौत हुई है। वहीं, पौड़ी में 55, पिथौरागढ़ में 28, अल्मोड़ा में 21, बागेश्वर में 15, चमोली में 14, उत्तरकाशी में 13, टिहरी में 16, रुद्रप्रयाग में 10, चंपावत में आठ मरीजों की मौत हुई है।
दिन कोरोना मरीजों की मौत
19 दिसंबर 09
20 दिसंबर 05
21 दिसंबर 13
22 दिसंबर 13
कोटद्वार में चल रही सेना भर्ती में शामिल होने के लिए मंगलवार को गोपेश्वर के 2428 युवाओं ने कोविड जांच कराई। जिसमें 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि 2417 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमा रावत ने बताया कि मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र थराली में 23, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणबगड़ में 284, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देवाल में 49, सिमली बेस चिकित्सालय में 40, गौचर में 570, गैरसैंण में 50, स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में 748, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जोशीमठ में 209 और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घाट में 455 युवाओं ने कोविड टेस्ट कराया। जिसमें गौचर से पांच, स्टेडियम में चार और गैरसैंण व जोशीमठ में एक-एक युवा की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।