कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों व सहायक स्टाफ को सरकार 11-11 हजार रुपये की धनराशि देकर सम्मानित करेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कोरोना वॉरियर्स को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। मंगलवार को गांधी शताब्दी आई हॉस्पिटल के आईसीयू और 132 नई एंबुलेंस का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने 108 एंबुलेंस सेवा के बेड़े में शामिल 132 नई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि ये एंबुलेंस विश्व बैंक सहायतित डिजास्टर रिकवरी परियोजना के माध्यम से खरीदी गई हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में ये एंबुलेंस जीवनदायिनी साबित होंगी। ये एंबुलेंस एडवांस और बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ सड़क पर उतारी गई हैं। पिछले चार सालों के दौरान कुल 271 एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं में जोड़ी जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने अस्पताल में 10 बेड की आईसीयू यूनिट का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से अभी तक लगभग दो लाख से अधिक लोगों को फायदा मिल चुका है। 4200 से अधिक नेत्र रोगी इलाज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 10 माह पहले राज्य में कुल 216 आईसीयू बेड व116 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे। अब आईसीयू बेड 863 व वेंटिलेटर 695 हो गए हैं। जल्द ही तीन मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ भी तैयार हो जायेंगे।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, सीएमओ देहरादून डॉ. अनूप डिमरी समेत अन्य मौजूद रहे।
प्रदेश में आठ मार्च से कोविड महामारी में मुस्तैदी से ड्यूटी पर तैनात फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। विभिन्न विभागों से लगभग 65 हजार फ्रंट लाइन वर्करों का डाटा तैयार कर लिया गया है। जल्द ही केंद्र से 1.40 लाख और कोरोना वैक्सीन राज्य को मिलेंगी। वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र से मंजूरी मिल गई है। वहीं, छह फरवरी (शनिवार) तक स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का कार्य पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। वैक्सीन लगाने से छूट गए स्वास्थ्य कर्मियों को सात फरवरी को अंतिम मौका दिया जाएगा।
मंगलवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए राज्य संचालन समिति की बैठक में टीकाकरण की समीक्षा की गई। प्रदेेश में 87588 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जानी है। 16 जनवरी से अब तक 43230 कर्मियों को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। जबकि 44358 हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगानी बाकी है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सप्ताह तक सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाए। आठ फरवरी से प्रदेश में फ्रंट लाइन वर्करों का टीकाकरण शुरू किया जाएगा। सात मार्च को छूटे हुए स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाने का अंतिम मौका दिया जाएगा।
इसके बाद भी जो स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन नहीं लगवाते हैं, उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र के स्तर पर कुंभ मेले के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी मानक प्रचालन प्रक्रिया) जारी हो गई है। इसके अनुसार कुंभ में लगे प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को कोविड का टीका लगाया जाना है। टीकाकरण में हरिद्वार जिले के लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी होंगी। बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय, सचिव हरिचंद्र सेमवाल, अपर सचिव युगल किशोर पंत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फ्रंट लाइन वर्करों को विभागों में ही लगेगी वैक्सीन
अगले सप्ताह से राजस्व, शहरी विभाग, शहरी निकायों, पुलिस, होमगार्ड विभाग के फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाया जाएगा। फ्रंटलाइन वर्करों को उनके विभागों में ही वैक्सीन लगाई जाएगी। कलेक्ट्रेट परिसर, सीडीओ ऑफिस, तहसील, ब्लॉक, पुलिस लाइन और एसडीएम ऑफिस आदि में ही वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जाएगी।
19 फरवरी से लगेगी वैक्सीन की दूसरी डोज
पहले चरण में जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है, उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज 19 फरवरी से दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन लगाने की तिथि के अनुसार दूसरी डोज का चार्ट तैयार किया जा रहा है। केंद्र के निर्देशों के अनुसार पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी डोज अनिवार्य रूप से दी जानी है।