कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार ने टीकाकरण की तैयारी पूरी कर ली है। नए साल में प्रदेश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जाएगी। राज्य, जिला और ब्लाक स्तर पर की गई तैयारियों को परखने के लिए दो जनवरी से मॉक ड्रिल किया जाएगा। जिसमें वैक्सीन को स्टोर से ब्लाक स्तर पर कोल्ड चेन सेंटर तक पहुंचाने, हेल्थ वर्करों को टीका लगाने का पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने कोविड वैक्सीन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की मिशन निदेशक सोनिका को नोडल अधिकारी बनाया है। उनकी देखरेख में राज्य, जिला व ब्लाक स्तर पर पहले चरण के टीकाकरण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रभारी निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि जल्द प्रदेश में कोविड टीकाकरण अभियान की शुरूआत की जाएगी। केंद्र से वैक्सीन उपलब्ध होते ही यूएनडीपी और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से टीकाकरण शुरू किया जाएगा। सबसे पहले हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी जाएगी।
इसके बाद अन्य फ्रंट लाइन वर्कर और अन्य आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 टीका उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में 20 प्रतिशत आबादी के आधार पर 24.30 लाख वैक्सीन का आकलन किया गया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण शुरू करने से पहले तैयारियों को परखने के लिए दो जनवरी से मॉक ड्रिक किया जाएगा।
राज्य के 2319 सरकारी अस्पतालों और 2366 निजी अस्पतालों के 94668 हेल्थ वर्करों का डाटा तैयार किया है। जिन्हें पहले चरण में कोरोना टीका लगाया जाएगा। जिला स्तर पर तैयार किए गए हेल्थ वर्करों के डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
वैक्सीन रखने के लिए 317 कोल्ड चेन प्वाइंट चिन्हित
कोरोना वैक्सीन को निश्चित तापमान पर सुरक्षित रखने के लिए 317 कोल्ड चेन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। जिसमें देहरादून, ऊधमसिंह नगर और श्रीनगर में रीजनल स्टोर के अलावा 13 जिलों और 26 ब्लाकों में वैक्सीन स्टोर व 274 कोल्ड चेन सेंटर बनाए गए हैं।