मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को अपनी पत्नी और बेटी के साथ नई दिल्ली से देहरादून लौट आए। जीटीसी हेलीपैड पर सरकार के मंत्रियों, विधायक, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका खूब गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यकर्ताओं के उत्साह और खुशी पर मुग्ध मुख्यमंत्री ने कहा, यह दवाओं के साथ राज्य के लोगों की दुआओं का असर है कि उनकी इतनी जल्दी रिकवरी हुई। अब वह नई ऊर्जा के साथ फिर से जनसेवा के कार्यों के लिए उपस्थित हैं। उन्होंने प्रदेश वासियों से अपील की कि वह कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतें। इसकी रोकथाम का यही सबसे कारगर उपाय है।
कोरोना संक्रमित होने के बाद मुख्यमंत्री 28 दिसंबर को नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हो गए थे। कोरोना संक्रमित उनकी पत्नी और बड़ी बेटी का भी एम्स में इलाज हुआ। मुख्यमंत्री पहले स्वस्थ होकर दिल्ली स्थित आवास में आइसोलेट हो गए थे, जबकि बाद में उनकी पत्नी और बेटी भी स्वस्थ होकर एम्स से डिस्चार्ज हो गए। पहले सीएम के दो दिन बाद आने का कार्यक्रम था। लेकिन, चिकित्सकों की सलाह के बाद मुख्यमंत्री बुधवार को ही फ्लाइट से पहले जौलीग्रांट आए और वहां से हेलीकॉप्टर से जीटीसी हेलीपैड पर उतरे।
उनके हेलीपैड पर पहुंचने की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ताओं का हुजूम वहां उमड़ पड़ा। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रोटोकॉल राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास समेत पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान उनके स्वागत में नारे भी लगाए गए। उन्होंने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मैं सबसे यही कहना चाहूंगा कि हमें सावधानी बरतने की लंबे समय तक आवश्यकता है। अस्पताल में रहकर यह अनुभव किया कि वायरस भी एक जीव है। वह भी जीना चाहता है। जब हम उसको मारने का प्रयास करते हैं। वह बचाव के तरीके ढूंढता है।
मंत्रोच्चार के बाद आवास में किया प्रवेश
मुख्यमंत्री आवास पहुंचने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र का तीर्थ पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों का आशीर्वाद प्राप्त उन्हें सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बदरीविशाल व बाबा केदार की कृपा और सभी की शुभकामनाओं से मैं अस्पताल से पूर्णत: स्वस्थ होकर लौट आया हूं और नई ऊर्जा के साथ पुन: जनसेवा के कार्य में सबके बीच उपस्थित हूं। मुख्यमंत्री ने सभी डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया।
उत्तराखंड के हर जिले में 10 सरकारी अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण का पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) किया जाएगा। बुधवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों को केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण का पूर्वाभ्यास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आठ जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में टीकाकरण पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
सचिव ने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 94 हजार से अधिक हेल्थ वर्करों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। राज्य स्तर पर दो जनवरी को पूर्वाभ्यास हो चुका है। केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण की तैयारियों और व्यवस्था को परखने के लिए जिलों में पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में यूएनडीपी और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधियों ने जिलों को पूर्वाभ्यास के दौरान टीकाकरण के तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी। राज्य नोडल अधिकारी व एनएचएम मिशन निदेशक सोनिका ने कहा कि जिला स्तर पर हेल्थ वर्करों का जो डाटा तैयार किया गया है, उसे केंद्र के कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
पूर्वाभ्यास के दौरान पोर्टल पर हेल्थ वर्करों का डाटा अपलोड करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती की ओर से जिलों में पर्यवेक्षक की तैनाती की जा चुकी है। इस मौके पर एनएचएम निदेशक डॉ.सरोज नैथानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।