महाराज ने बताया कि हरिद्वार में महाकुंभ पर आयोजित होने वाले देव डोलियों का कुंभ स्नान निर्धारित समय पर कोविड नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता हो चुकी है। इस आयोजन में भी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्यता रहेगी।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार पूरी तरह से तैयार है। कोविड नियमों का पालन करने के साथ-साथ तीन टेस्टों को अनिवार्य किया गया है। जो भी व्यक्ति अन्य प्रांतों से उत्तराखंड आएंगे, उनको यह टेस्ट करवाने जरूरी हैं।
महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा और सभी प्रकार की जांच के बाद यात्रा की अनुमति दी जाएगी। कहा कि रावलों से बातचीत के बाद चारधाम यात्रा की पूरी समीक्षा कर ली गई है।
आगे भी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में हम इसकी समीक्षा समय-समय पर करते रहेंगे, ताकि विधिवत रूप से समय पर मंदिरों के कपाट खोले जा सकें और हमारी जो मर्यादा और परंपरा है उसी के अनुरूप श्रद्धालु दर्शनों का लाभ भी उठा सकें। महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों को उत्तराखंड आने की इजाजत दी जाएगी।