श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से एक सकुर्लर जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाएं कराने या फिर छात्रों को सीधे प्रमोट करने का फैसला ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में इसी महीने परीक्षा समिति एवं शैक्षिक परिषद की होन वाली बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। कुलपति ने कहा कि स्नातक के पहले और दूसरे साल के छात्रों को पिछले साल के प्रदर्शन के आधार पर अंक देकर प्रमोट किया जा सकता है। जबकि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी।