लॉकडाउन के दौरान स्कूलों ने बच्चों को जो होमवर्क दिया, अब उसे चेक भी किया जाएगा। इसके आधार पर बच्चों को 10 में से अंक दिए जाएंगे। छह से कम अंक हासिल करने वाले बच्चों को दोबारा उस विषय की पढ़ाई करनी होगी।
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को हुई वर्चुअल बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप ने कहा कि छात्रों को लॉकडाउन के दौरान किए गए होमवर्क को स्कूल में जमा कराना होगा। इसके बाद शिक्षक मूल्यांकन करेंगे। जिन छात्रों को 10 में से छह से कम अंक मिलेंगे, उन्हें दोबारा उस विषय या टॉपिक की पढ़ाई करनी होगी। सभी छात्रों के लिए शिक्षकों के नंबर जारी किए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की समस्या होने पर उनसे संपर्क कर सकें। सीबीएसई ने एक तिहाई सिलेबस कम किया है।
अब स्कूलों में इसी के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही मार्किंग पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। एसोसिएशन सदस्यों ने इसके लिए स्किल एजुकेशन पर जोर देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय केवल किताबी पढ़ाई का नहीं है। बैठक में डॉ. एससी बियाला, मेजर जनरल शम्मी सभरवाल (रिटायर), अतुल राठौर, राकेश ओबेरॉय, एचके छाबड़ा, अनिल शर्मा, एसके गोयल, बीपी उनियाल, अजीत राणा, मुकेश अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, मयंक सिंह गौड़, कर्नल जसविंदर सिंह, बी गिल, किरन कश्यप आदि मौजूद रहीं।
नौवीं से 12वीं के छात्रों को मिलेगी ऑनलाइन करियर गाइडेंस
सरकारी स्कूलों के नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन करियर गाइडेंस मिलेगी। इसके लिए सरकार ने ट्रांसफॉर्म कंपनी के साथ समझौता किया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने अपना प्रजेंटेशन दिया। ट्रांसफॉर्म कंपनी की निदेशक रूपाली मेहरा ने छात्रों को ऑनलाइन करियर गाइडेंस से जोड़ने की दानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के पास करियर ऑप्शन चुनने का मौका होगा। इसके बाद बच्चों की पूरी पढ़ाई उसी करियर ऑप्शन के अनुसार कराई जाएगी।
छात्रों को माई ट्रांसफॉर्म डॉट कॉम पर जाकर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके अलावा स्कूल भी छात्रों का डाटा वेबसाइट पर डाल सकते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को इसकी जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को साप्ताहिक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अस्ताड के प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।