केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के 14 पीएफएस अधिकारियों के अलावा ओएनजीसी के 102 अधिकारियों, कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद राजधानी के अन्य केंद्रीय संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
इसके चलते भारतीय वन्यजीव संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी, भारतीय वन सर्वेक्षण, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण में ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. कालाचॉद सांई ने बताया कि एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
संस्थान में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। वन अनुसंधान संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि संक्रमण रोकने को लेकर मार्निग वाकर्स व पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कोरोना संक्रमण बढ़ने पर रेलवे की ओर से भी कई एहतियाती कदम उठाए गए है। रेलवे के चेकिंग स्टाफ में कोरोना संक्रमण न हो इसके मद्देनजर फिलहाल 55 साल से अधिक उम्र वाले चेकिंग स्टाफ को ड्यूटी से हटा दिया है। मुख्य टिकट पर्यवेक्षक एनसी शर्मा का कहना है कि 55 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारी स्वेच्छा से ड्यूटी करना चाहें तो उन्हें ड्यूटी दी जा रही है।
बता दें कि पिछली बार जब कोरोना संक्रमण फैला था तो उस समय यात्रियों में कोरोना संक्रमण बहुत अधिक नहीं पाया गया था, लेकिन इस बार दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों में बड़े पैमाने पर संक्रमण पाया गया है। दून रेलवे स्टेशन पर की गई जांच में अब तक 90 से अधिक रेल यात्रियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जो काफी बड़ा आंकड़ा है।
इसके बाद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही चेकिंग स्टाफ को भी कोरोना संक्रमित होने का डर सता रहा है। मुख्य टिकट पर्यवेक्षक एनसी शर्मा का कहना है कि रेल यात्रियों से सबसे बड़ा खतरा चेकिंग स्टाफ को है। ऐसे में एहतियात के तौर पर 55 साल से अधिक उम्र के चेकिंग स्टाफ को ड्यूटी से हटा दिया गया है। ट्रेनों को सैनिटाइजेशन के साथ ही यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है।