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उत्तराखंड : कोरोना संक्रमण से बच्चों को बचाने की योजना तैयार, बचाव के लिए बच्चों को दी जाएगी इन तत्वों की खुराक

Sun, 06 Jun 2021 09:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

तकनीकी समिति ने कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को संक्रमण से बचाव व उपचार की सिफारिशें दी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने तकनीकी समिति की सिफारिश पर कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण से बचाव व उपचार के लिए योजना तैयार कर ली है। संक्रमण से बचाव के लिए आयु वर्ग के हिसाब से विटामिन ए, सी, डी, जिंक, सैलेनियम की खुराक तय की है।

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उपचार के लिए नवजात से लेकर 18 साल के बच्चों की तीन श्रेणी बनाई गई है। समिति की सिफारिश पर सरकार ने बच्चों के उपचार, पोषक तत्वों की खुराक देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने सभी जिलों को आदेश जारी किया है।
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हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेम चंद्र और दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में तकनीकी समिति ने कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को संक्रमण से बचाव व उपचार की सिफारिशें दी हैं। जिसमें समिति ने आयु वर्ग के हिसाब से विटामिन, जिंक, सैलेनियम की खुराक तय की है।

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मुंह की स्वच्छता बनाने के लिए बीटाडीन व क्लोरहेक्सिडिन से कुल्ला करने का सुझाव दिया। बच्चों में पोषक आहार, जंक, उच्च फाइबर भोजन, बच्चों व माताओं को दो से तीन गुणा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।

दूसरी लहर में 14030 बच्चे संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में एक अप्रैल से 23 मई तक एक साल से कम आयु से 18 साल तक के 14030 बच्चे संक्रमित हुए हैं। जिनमें से 13 की मौत हुई है। वहीं, 15 मार्च 2020 से लेकर 31 मार्च 2021 तक 7840 बच्चे संक्रमित हुए हैं। 

बाल स्वास्थ्य के कई मामलों में केरल से पीछे 
तकनीकी समिति ने बाल स्वास्थ्य में केरल से तुलना कर उन बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। जिनमें उत्तराखंड पीछे है। जन्म से 4 साल तक कम वजन के बच्चों का प्रतिशत 26.6 प्रतिशत है। जबकि केरल में यह दर 16.1 प्रतिशत है। इसी तरह उत्तराखंड में पिछले छह माह में 9 से 59 महीने की आयु वर्ग में 36.9 प्रतिशत बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी गई। वहीं प्रदेश में बच्चों के टीकाकरण की दर 57.6 प्रतिशत है। जबकि केरल में यह दर 82 प्रतिशत है। 

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जल्द पूरी कर लें तीसरी लहर से निपटने की तैयारी

कोविड प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। समय रहते पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाओं और अन्य जरूरतों की व्यवस्था कर ली जाए। 

न्यू कैंट रोड स्थित कैंप कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेते हुए उन्होंने ब्लैक फंगस की रोकथाम, टीकाकरण, सामान्य मरीजों के लिए अस्पतालों की ओपीडी खोलने समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों को खतरा ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए हमारी तैयारी पुख्ता होनी चाहिए।

प्रभारी मंत्री ने सभी अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा संसाधनों, बाल रोग विशेषज्ञ व अन्य सहयोगी स्टाफ, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, पिकू, निक्कू वार्डों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कहा कि बच्चों के साथ परिजनों के रहने और उन्हें संक्रमण से बचाने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। 

बच्चों के लिए गोली के स्थान पर चाइल्ड फ्रेंडली सीरप फॉर्म में दवा मंगाई जाए। उन्होंने चकराता और कालसी में डिजिटल एक्स-रे मशीन, सहयोगी स्टाफ व अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही सहस्त्रधारा में एंबुलेंस खड़ी करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, सीडीओ नीतिका खंडेलवाल, सीएमओ डॉ. अनूप कुमार डिमरी, डॉ. दिनेश चौहान मौजूद रहे।
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