एक हॉल बनाने में लगा दिए चार माह, मरीजों को भुगतना पड़ेगा खामियाजा, 1.76 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल में लगना था प्लांट, पौड़ी जिले का सबसे बड़ा 100 बेड का बनना था कोरोना आइसोलेशन वार्ड।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में पूरा देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण कोटद्वार बेस अस्पताल में लगने वाला ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया है। समय पर प्लांट के लिए हॉल तैयार नहीं होने पर 1.76 करोड़ रुपये की लागत से लगने वाला प्लांट खटाई में पड़ गया है।
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जिले का सबसे बड़ा 100 बेड का कोरोना आइसोलेशन वार्ड बनाया
कोटद्वार बेस अस्पताल में पौड़ी जिले का सबसे बड़ा 100 बेड का कोरोना आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, जिसके कारण यहां के लिए केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2020 में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्वीकृत किया गया था।
विभाग ने एक हॉल के निर्माण में चार महीने लगा दिए
इसके लिए बाकायदा 1.76 करोड़ रुपये भी स्वीकृत कर बेस अस्पताल में तत्काल मशीन के लिए एक हॉल निर्माण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विभाग ने एक हॉल के निर्माण में चार महीने लगा दिए। इस बीच महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर फैल गई, जिसके कारण केंद्र ने कोटद्वार के लिए तैयार होने वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को महाराष्ट्र भेज दिया।
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विभाग की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है
कई बार बेस अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट कोरोना के मरीजों के लिए नया जीवन का काम करता, लेकिन अब विभाग की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को महाराष्ट्र भेज दिया
महाराष्ट्र में कारोना संक्रमण अधिक फैलने के कारण केंद्र ने कोटद्वार में लगने वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को महाराष्ट्र भेज दिया है। भवन तैयार होने की रिपोर्ट के साथ बेस अस्पताल में प्लांट स्थापित करने के लिए केंद्र और विभाग को लिखा गया है।