प्रदेश के गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने और लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए अब ग्राम पंचायत स्तरीय कोविड नियंत्रण समिति काम करेगी। मंगलवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
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ग्राम पंचायत स्तरीय कोविड नियंत्रण समिति ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। इस समिति में महिला मंगल दल की प्रतिनिधि, वन पंचायत सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रहरी, एनएसएस स्वयंसेवक, ग्राम स्तरीय स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि और अन्य व्यक्ति, जिन्हें डीएम उचित समझे, सदस्य होंगे। यह समिति सरकार के निर्देशों के तहत प्रदेशभर के गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने और उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए काम करेगी।
यह होंगे समिति के काम
-मेडिकल किट, होम आईसोलेशन किट, थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
-आशा एवं एएनएम की मदद से गांवों में कोविड लक्षणों वाले लोगों की पहचान कर उनकी सूचना एकत्र कराएगी।
-कोविड लक्षणों वाले व्यक्तियों का टेस्ट कराने के साथ ही आशा और एएनएम को यह अधिकार होगा कि वह उनका प्राथमिक उपचार शुरू कराए।
-गांव में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग या आरटीपीसीआर के लिए आने वाले व्यक्तियों को समय पर कोरोना किट उपलब्ध कराएगी।
-टेस्टिंग, होम आईसोलेशन, कांटेक्ट ट्रेसिंग और प्राथमिक उपचार में प्रशासन की मदद करेगी।
-सभी गांवों में शत प्रतिशत कोरोना वैक्सीनेशन में सहयोग करेगी।
कलस्टर के रूप में ग्राम पंचायतें होंगी लिंक
सभी जिलाधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह विभिन्न ग्राम पंचायतों को कलस्टर के रूप में ब्लॉक या न्याय पंचायत स्तर के कोविड केयर सेंटर से लिंक करे। इन कोविड केयर सेंटर में कम से कम पांच ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, एक चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, पीपीई किट, भोजन, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि की व्यवस्था भी जिलाधिकारियों के माध्यम से करनी होगी। ग्राम पंचायत कोविड नियंत्रण समिति के गठन और इनके प्रशिक्षण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों की होगी।
शहरी क्षेत्रों में जोमेटो, स्वीगी से पहुंचाई जाएंगी दवाएं
ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भी लक्षण वाले लोगों को तत्काल कोविड किट पहुंचाने की तैयारी की है। इसके तहत जोमेटो, स्वीगी, टैक्सी यूनियन, ऑटो रिक्शा यूनियन, स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से तत्काल कोविड किट पहुंचानी होगी। ताकि कोरोना लक्षणों वालों को समय पर इलाज मिल सके।