विधानसभा में सीमित स्थान है और सामाजिक दूरी के साथ बहुत कम विधायकों के लिए स्थान बन पा रहा है। विकल्प के तौर पर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के पांचवे तल में बने सभागार में सत्र के आयोजन की संभावनाएं टटोली। लेकिन बात बनी नहीं।
तय हुआ है कि सत्र का आयोजन विधानसभा में ही होगा। सदस्यों के बैठने और लाइव जुड़ने के अलग इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही सदस्यों से वर्चुअल भागीदारी की अपील की जाएगी। सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) हैं, जहां सभी सदस्य वर्चुअल जुड़कर सत्र में भागीदारी कर सकते हैं। यह विचार भी बना है कि एक दिन के सत्र में प्रश्नकाल न किया जाए।
सत्र विधानसभा में ही होगा। निरीक्षण के बाद सचिवालय के सभागार में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। यह विचार है कि सत्र एक दिन का हो। -त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री