लोगों में मानसिक विकार, डिप्रेशन की सबसे मुख्य वजह इस बार अस्पतालों के हालात और कोरोना संक्रमितों की मौतें रही हैं। चिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, जिस तरह से अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की किल्लत हुई। मरीजों की मौत हुई, उससे लोग घबरा गए। यह घबराहट वक्त के साथ ही कम होगी। इसके लिए जबदस्ती दवाइयां लेने की कोशिश न करें।
कोरोना के बाद बुखार आए तो घबराएं नहीं
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट का कहना है कि कई लोग ऐसे हैं जो कि कोरोना संक्रमण से निकल चुके हैं, लेकिन उन्हें अचानक बुखार आ जाता है तो वह घबरा जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लगातार तीन दिन भी 101 तक बुखार रहे तो घबराएं नहीं।
अभी तक वैज्ञानिक तौर पर कहीं भी यह प्रमाणित नहीं है कि एक बार कोरोना होने के बाद तुरंत ही दोबारा संक्रमण हो जाएगा। चूंकि कोरोना में इम्यूनिटी पावर कम हो जाती है, इसलिए कभी-कभी दूसरे वायरल घेर लेते हैं।