इतना होने पर भी यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस साल कुल पांच हजार होम स्टे के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक मात्र 1842 का ही पंजीकरण हो पाया है। इस वर्ष योजना के गति पकड़ने की उम्मीद भी बनी थी, लेकिन कोरोना महामारी नेे सभी सपनों पर पानी फेर दिया। नई गाइडलाइन जारी कर सरकार ने राज्यकर्मियों को भी सुविधा दी थी कि वे होम स्टे करने पर रियायत ले सकें। सरकार की कोशिश इस योजना को हाई एंड टूरिज्म के रूप में विकसित करने की भी है।
कहां कितने पंजीकरण
उत्तरकाशी-210
चमोली-299
टिहरी-133
देहरादून-377
पौड़ी-60
रुद्रप्रयाग-101
हरिद्वार -15
अल्मोड़ा-126
बागेश्वर-66
नैनीताल-226
ऊधमसिंह नगर-6
पिथौरागढ़-218
चंपावत-15
कुल-1842
पांच करोड़ का बजट जारी
ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत गांवों में होम स्टे के विकास के लिए सरकार की तरफ से पैसा दिया जाता है। ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना में अल्मोड़ा जिले के गांव मावड़ा में पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश में ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन की धुरी होम स्टे योजना की क्षमता को हासिल करना बाकी है। करीब चार साल बाद भी योजना के तहत केवल 1842 घरों को ही जोड़ा जा सका है।