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उत्तराखंड : कोविड प्रबंधन पर हाईकोर्ट सख्त, दुविधा में सरकार, विपक्ष ने भी सरकार पर साधा निशाना

Sun, 23 May 2021 10:35 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

राज्य में डबल इंजन की सरकार के बावजूद कोविड संकट में उत्तराखंड को केंद्र की मेहरबानी की राह देखनी पड़ रही है।
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उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कोविड महामारी का सामना कर रहे उत्तराखंड राज्य को मेडिकल सहायता देने में केंद्र सरकार की ओर से हो रही देरी पर उच्च न्यायालय ने सख्त रुख दिखाया है। उसकी सख्ती से राज्य सरकार ने जहां असहज वहीं उससे बचाव में कुछ कहते नहीं बन रहा है। वह इस कदर दुविधा में है कि उसे केंद्र सरकार के बचाव में आना पड़ रहा है।

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जबकि राज्य में डबल इंजन की सरकार के बावजूद कोविड संकट में उत्तराखंड को केंद्र की मेहरबानी की राह देखनी पड़ रही है। इसे लेकर विपक्ष को भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधने का बहाना मिल गया है। विपक्ष ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और प्रबंधन में राज्य का राजनीतिक नेतृत्व विफल हो गया है।
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अपने पक्ष में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना कहते हैं, राज्य सरकार कोर्ट के निर्देशों को बहुत हल्के ढंग से ले रही है। सरकार के हलफनामे पर न्यायालय की सख्त टिप्पणी और खुद सरकार का न्यायालय में यह कबूलनामा कि दवा, ऑक्सीजन व अन्य मेडिकल सामान की मांग पर केंद्र सरकार उसकी चिट्ठियों का जवाब नहीं दे रही है, अपने आप में बड़ा सवाल है।

ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में ही केंद्र सरकार से उदारता की उम्मीद थी। राज्य सरकार ने केंद्र से आवंटित ऑक्सीजन की आपूर्ति राज्य में रुड़की और काशीपुर के प्लांट से कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा। इस पर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के स्तर पर भी प्रयास हुए लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। इस पर भी कोर्ट ने टिप्पणी की है।

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे संक्रमण से बचाव के लिए सरकार को मेडिकल उपकरण चाहिए। सरकार ने 10 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व इतने ही ऑक्सीजन सिलिंडर, एक लाख पल्स ऑक्सीमीटर समेत कई अन्य मेडिकल उपकरण मांगे, लेकिन इस पर भी केंद्र ने अभी निर्णय नहीं लिया। इसलिए कोर्ट ने केंद्र को गंभीर रुख दिखाने को कहा।

उधर, इस पूरे मामले में असहज प्रदेश सरकार के नुमाइंदों का कहना है कि केंद्र सरकार से राज्य को लगातार मदद मिल रही है। जो डिमांड भेजी गई है, वह जल्द पूरी हो जाएगी। कोर्ट में केंद्र सरकार को लेकर शासन और सरकार के अलग-अलग स्टैंड पर विपक्ष को भी सवाल उठाने का अवसर मिला है।
 
न्यायालय के हर आदेश का अक्षरश: पालन होगा। कोविड में लोगों की जिंदगी को बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है।
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- सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता

केंद्र सरकार से हमें पूरा सहयोग मिला रहा है। जो डिमांड भेजी गई है, वह भी जल्द पूरी होगी। विपक्ष को इस बारे में कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है। वह इस महामारी में भी राजनीति से बाज नहीं आ रहा है।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

उच्च न्यायालय सरकार को लगातार आइना दिखा रहा है। दुर्भाग्य यह है कि सरकार उसके दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रही है। इसका सबसे बड़ी नजीर हरिद्वार कुंभ मेला है, जहां न्यायालय ने हर दिन 50 हजार कोरोना टेस्ट करने को कहा था, 30 दिन में उसे 15 लाख टेस्ट करने थे, लेकिन सरकार ने सिर्फ 40 हजार टेस्ट कराए। 
- अनूप नौटियाल, सामाजिक कार्यकर्ता

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