नैनीताल हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना वायरस के बचने के लिए केंद्र सरकार की जारी गाइड लाइन का उल्लंघन करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले में देहरादून निवासी उमेश कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के घर पर डीएम देहरादून व सीएमओ ने नोटिस चस्पा कर 20 मई से तीन जून तक क्वारंटीन रहने को कहा था, लेकिन मंत्री ने नोटिस का उल्लंघन करते हुए कैबिनेट की दो अहम बैठकों में भाग लिया और क्वारंटीन होने की जानकारी कैबिनेट से छिपाई, जिसकी वजह से कैबिनेट के सभी सदस्यों को क्वारंटीन होना पड़ा।
याचिकाकर्ता का कहना था कि जब आम आदमी पर क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य सरकार लगातार मुकदमे दर्ज करा रही है तो महाराज के खिलाफ अभी तक नियमों के उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया। याचिकाकर्ता ने महाराज पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रार्थना की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।