राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि कोरोना महामारी से बचने व इसकी रोकथाम में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्यपाल ने राजभवन में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून और आयुर्वेद विश्वविद्यालय के संयुक्त रूप से आयोजित वेबिनार कोविड-19 में आयुर्वेद का महत्व में भाग लिया।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में जब अभी तक कोविड-19 का कोई उपचार उपलब्ध नहीं है, तो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करना होगा। आयुर्वेद मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष योगदान देता है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आज वैश्विक स्तर पर अपना स्थान बना चुकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र के आयुष मंत्रालय ने भी सुझाव दिया है कि दिन भर गर्म पानी पीना, योग एवं प्राणायाम करना, हल्दी, जीरा, धनिया, लहसुन जैसे मसालों का दैनिक जीवन में नियमित उपयोग हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि च्यवनप्राश, आयुर्वेदिक काढ़ा और हल्दी मिला हुआ दूध भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक होता है।
राज्यपाल ने कहा कि बचाव के लिए विभिन्न सावधानियों जैसे लगातार हाथ धोते रहना, घर से बाहर मास्क का उपयोग करना, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का भी पालन करना चाहिए। वेबिनार में निदेशक राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून प्रोफेसर नचिकेता राउत, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अरूण कुमार त्रिपाठी सहित कई आयुर्वेदिक चिकित्सक व विशेषज्ञ जुडे़ थे।