युवती की काउंसिलिंग और प्राथमिक इलाज कर उसे दोबारा क्वारंटीन सेंटर भेज दिया है। वहीं एएसआई सत्येंद्र गंगोला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अब तक मामले में किसी भी प्रकार की तहरीर नहीं दी गई है।
टीआरसी सूखाताल में 25 लोग क्वारंटीन हैं, इनमें 14 पुरुष और 11 महिलाएं हैं। टीआरसी तल्लीताल स्थित क्वारंटीन सेंटर में एक पुरुष क्वारंटीन है।
गेट पर रहती है पुलिस
सुरक्षा की दृष्टि से दोनों क्वारंटीन केंद्रों में पुलिस तैनात रहती है, लेकिन कांस्टेबल की ड्यूटी गेट पर ही रहती है। इससे केंद्र के भीतर की गतिविधियों की जानकारी उन्हें नहीं होती। वहीं, क्वारंटीन किए लोगों के लिए एक काउंसलर की भी व्यवस्था क्वारंटीन सेंटर में की गई है। वह क्वारंटीन हुए लोगों की रोजाना काउंसिलिंग करते हैं।
युवती के कलाई काटने के मामले की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट कार्रवाई करेंगे।
- विनोद कुमार, एसडीएम नैनीताल
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से राहत कोष में जमा धनराशि का हिसाब मांगा है। कांग्रेस ने कहा है कि कोरोना संकटकाल में राहत कोष में जमा किए गए पैसे को कहां खर्च किया गया, मुख्यमंत्री इसका जवाब दें।
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस पर अनावश्यक रूप से हमला कर रही है। कांग्रेस ने अपने दम पर कोरोना संकट काल में जरूरतमंद लोगों, असहायों, मजदूरों, गरीबों को राशन की किट व सोनिया रसोई व इंदिरा अम्मा रसोई के माध्यम से पका हुआ भोजन पहुंचाया।
यह प्रक्रिया आज भी लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सरकारी स्तर पर राशन बांटा है और किसी ने भी अपने स्तर से कोई प्रयास नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई से मुख्यमंत्री राहत कोष के अंशदान का खुलासा हो गया है और मुख्यमंत्री राहत कोष में सबसे ज्यादा अंशदान नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदेयश, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ कांग्रेस के विधायकों ने सर्वाधिक अंशदान दिया, लेकिन भाजपाई विधायकों ने मूल वेतन ही राहत कोष में दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों, गरीबों, मजदूरों, असहाय लोगों को पके हुए भोजन, राशन, मॉस्क, सैनिटाइजर, गलब्स आदि उपलब्ध कराने का काम किया है।
रुद्रपुर में एक युवक कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वह जिला अस्पताल से फरार हो गया। पुलिस में उसकी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने फरार हुए संक्रमित युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के शिमला बहादुर निवासी एक युवक की कुछ दिनों से तबियत खराब चल रही थी। रविवार को उसे कोरोना टेस्ट कराने के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। सोमवार को रिपोर्ट आने पर वह पॉजिटिव निकला था।
इसका पता चलते उक्त युवक जिला अस्पताल से फरार हो गया। कोरोना पॉजिटिव युवक के अस्पताल से अचानक फरार होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। युवक के खिलाफ पंतनगर थाने में लॉकडाउन उल्लंघन का केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि फरार युवक की तलाश की जा रही है।