- अधिक उम्र वाली गर्भवती महिलाओं को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस कारण उन्हें सांस लेन में परेशानी बढ़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ज्यादा देखभाल की आवश्यकता होती है।
- सामाजिक दूरी बनाकर बार-बार हाथ धोना नहीं भूलें।
- घर पर भी मास्क का अनिवार्य इस्तेमाल करें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- श्वसन संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करें।
- अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- खांसी या छींक आने पर अपनी मुड़ी हुई कोहनी या टिश्यू पेपर से अपने मुंह और नाक को ढकें।
- सुरक्षित रहें। लगातार खांसी और तेज बुखार होना कोरोना संक्रमण के संकेत हैं। इन लक्षणों वाले व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें।
- ताजा भोजन खाएं और खूब पानी पिएं।
चिकित्सक की सलाह
- कोविड लक्षणों वाली गर्भवती महिलाओं को परीक्षण के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- लक्षण नजर आने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
- चिकित्सक के पास बार-बार जाने के बजाए संभव हो तो फोन द्वारा परामर्श लेें।
- डिलीवरी का समय नजदीक है, तो तनाव में न रहें। ईमेल, संदेश या वीडियो चैट के माध्यम से अपनों के संपर्क में रहें। अत्यधिक काम न करें और ज्यादा से ज्यादा आराम करें।
- स्तनपान करवाते समय हर बार हाथ धोना नहीं भूलें।