विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा हो सकता है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों को बच्चों की वैक्सीन विकसित करनी चाहिए। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को कोविड अस्पतालो में बच्चों के इलाज के लिए अलग व्यवस्था करनी चाहिए।
वैज्ञानिक कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं तो ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी से तैयारियां तेज करने की जरूरत है। बच्चों को लेकर अभी से चिंता सताने लगी है। देशभर के विशेषज्ञों को बच्चों की वैक्सीन विकसित करने के साथ ही इलाज के पुख्ता इंतजाम किए जाने की सख्त जरूरत है।
- डॉ. दीपशिखा रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
तीसरी लहर से पहले केंद्र और राज्य सरकार को तेजी से कदम उठाने होंगे। जल्द से जल्द बच्चों को भी कोरोना का टीका लगाने की जरूरत है। यदि ऐसा नहीं होता है तो न सिर्फ बच्चे संक्रमित होंगे वरन बड़ी संख्या में माता-पिता भी दोबारा बीमारी की चपेट में आएंगे। लिहाजा तेजी से कदम उठाने की जरूरत है।
- रितिका सिंह, निवासी डालनवाला
कोरोना की तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे संक्रमित होंगे, ऐसा पढ़कर और सुनकर ही डर लगने लगा है। सरकार को तत्काल बच्चों के लिए वैक्सीन विकसित करने के साथ ही टीकाकरण पर फोकस करना चाहिए। बच्चों के इलाज में दिक्कत न आए इसके लिए अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जरूरत है।
- आभा त्रिपाठी, निवासी डालनवाला