वीआरएलडी लैब हल्द्वानी के बाद एनडीसीडी लैब दिल्ली की ओर से भी ऊधमसिंह नगर जिले में कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की जांच से इनकार के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
इससे जिले के 11 सौ से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट लटक गई है। ऋषिकेश एम्स की कोविड लैब से कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट बेहद धीमी गति से आ रही है। यदि इसी गति से रिपोर्ट आती रही तो कोरोना पॉजिटिव निकलने वाले लोग रिपोर्ट आने से पहले ही आइसोलेशन की अवधि पूरी कर लेंगे।
जिले के कोरोना संदिग्धों के सैंपल एक पखवाड़े पहले तक हल्द्वानी लैब में भेजे जा रहे थे। हल्द्वानी लैब में सैंपलों का दबाव बढ़ने के बाद ऊधमसिंह नगर के सैंपल दिल्ली भेजने शुरू किए गए थे। आठ दिनों से दिल्ली की लैब ने भी ऊधमसिंह नगर के सैंपलों की जांच बंद कर दी है। दिल्ली लैब को 15 जून को आखिरी बार सैंपल भेजे गए थे। दिल्ली लैब में अभी भी जिले के करीब 25 सैंपल लंबित हैं। 19 जून से जिले से सैंपल ऋषिकेश एम्स की कोविड लैब में भेजे जा रहे हैं।
एम्स की लैब में जांच की गति बेहद धीमी है। चार दिन पहले भेजे गए 494 सैंपलों में से अभी सिर्फ 50 की ही रिपोर्ट आई है। यह सैंपल 16 और 17 जून को लिए गए थे। कोरोना रिपोर्ट आने के बाद आइसोलेशन की अवधि 10 दिन तय की गई है।
यदि इसी धीमी गति से रिपोर्ट आती है तो कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने तक संबंधित व्यक्ति अपनी आइसोलेशन की अवधि पूरी कर लेंगे। इसके साथ ही रुद्रपुर के आवास विकास और आदर्श कॉलोनी में बनाए कंटेनमेंट जोन से लिए गए करीब 230 सैंपल समेत करीब सात सौ सैंपल सीएमओ कार्यालय में डीप फ्रीजर में रखे गए हैं। इन सैंपल को ऋषिकेश एम्स भेजे गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद भेजने की तैयारी है।
कोरोना पॉजिटिव के आइसोलेशन की अवधि 10 दिन तय की गई है, लेकिन जिस दिन कोरोना संदिग्ध की रिपोर्ट आएगी, उसी दिन में संबंधित व्यक्ति को कोविड केयर सेंटर में आइसोलेट करेंगे। जिन लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, वे विभाग की निगरानी में हैं।
- डॉ. अविनाश खन्ना, कोविड-19 के नोडल अधिकारी