देहरादून जिले में कोरोना संक्रमण का फैलाव बढ़ता ही जा रहा है। लगातार तीसरे दिन भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 200 के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गई। रविवार को जिले में कोरोना संक्रमण के 235 नए मामले सामने आए हैं।
अब तक जिले में कोरोना संक्रमित कुल मरीजों की संख्या 5376 पहुंच चुकी है। जबकि कोरोना संक्रमित 160 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। रविवार को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया।
54 नए कोरोना संक्रमित एम्स की जांच रिपोर्ट में आए हैं। दून अस्पताल में पहले से भर्ती 32 मरीजों में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। कोविड केयर सेंटर में भर्ती 25, क्वारंटीन सेंटर में भेजे गए 22, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से आठ और मिलिट्री हॉस्पिटल से चार नए संक्रमित मामले रिपोर्ट किए गए हैं। सीएमओ डॉ. अनूप डिमरी ने लोगों से अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें ताकि कोरोना के संक्रमण को कम से कम किया जा सके।
कोरोना संक्रमित पूर्व अपर शोध अधिकारी ने दून अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील की है। पूर्व अधिकारी ने बताया कि वह जनरल वार्ड पांच में भर्ती हैं। जहां पर शुगर मरीज के लिए न तो नाश्ता आ रहा है और न चाय।
यहां सफाई, सैनिटाइजर की व्यवस्था भी सही नहीं है। मीडिया को भेजी मार्मिक अपील में अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2013-14 में तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरपी भट्ट के साथ इस मेडिकल कॉलेज की शुरुआत का काम हमने ही करवाया था। तब हमें पता ही नहीं था कि एक दिन हमारी यहां दुर्दशा होगी।
इस संबंध में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि पूर्व अधिकारी से वार्ता हो चुकी है। उनकी समस्याओं को दूर कर दिया गया है और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना मरीजों के इलाज और अन्य व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी।