कोविड-19 की पहली लहर के समय नगर निगम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए शहर की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था संभाली थी। अब एक बार फिर संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संक्रमितों और मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन इस बार नगर निगम की सक्रियता पहले से कम दिख रही है। शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। डोर टु डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। इन्हीं तमाम मुद्दों पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत की। बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल : कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर नगर निगम की क्या तैयारी है। सैनिटाइजेशन को लेकर क्या किया जा रहा है?
जवाब : पिछले साल हमने सभी 100 वार्डों में सैनिटाइजेशन के लिए मशीनें दी थीं। इन मशीनों की मदद से सभी वार्डों में नियमित सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। पिछले शनिवार और रविवार को 50 बड़े वाहनों की मदद से सभी वार्डों में सैनिटाइजेशन का अभियान चलाया गया था। इस साल भी शनिवार-रविवार को पूरे शहर में सैनिटाइजेशन अभियान चला जा रहा है।
सवाल : इस बार नगर निगम के कोविड कंट्रोल रूम की क्या स्थिति है?
जवाब : पिछली बार साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए हमने कंट्रोल रूम बनाया था। इस बार कंट्रोल रूम नहीं बनाया गया, लेकिन हमने स्वास्थ्य अनुभाग के अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं। हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
सवाल : डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन ठीक नहीं चल रहा। कई जगह तीन-चार दिन में कूड़ा वाहन पहुंच रहे हैं।
जवाब : इस तरह की शिकायतें निगम को भी मिली हैं। हमने कूड़ा उठान करने वाली कंपनी को सेवाओं में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। जिन इलाकों से शिकायतें मिल रही है, उन पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है।
सवाल : कोविड के मुश्किल वक्त में जरूरतमंदों की मदद के लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब : हम देख रहे हैं कि किस तरह की जरूरत लोगों को सबसे ज्यादा है। नगर निगम के स्तर से हम उन्हें कैसे मदद पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। जरूरतमंदों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, एंबुलेंस उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा रहा है।
सवाल : कोरोना से बचाव को लेकर लोगों से क्या अपील करेंगे?
जवाब : यह स्पष्ट है कि लोगों की सहभागिता और सहयोग के बिना कोरोना से नहीं बचा जा सकता। निगम अपनी ओर से प्रयास कर रहा है, लोगों भी इसको लेकर गंभीर रहने की जरूरत है, तभी कोरोना के मामलों में कमी लाई जा सकती है। लोग अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें और कोविड सुरक्षा नियमों का पालन करें। अनावश्यक पैनिक ना फैलाएं। अपनी मर्जी से दवाएं न खाएं और न ही अस्पताल पहुंचकर भर्ती हों। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं।