कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी का असर राजधानी के कोविड राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी नजर आ रहा है। आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। अस्पताल में बुधवार शाम तक सिर्फ 76 मरीज भर्ती थे जबकि पहले यह संख्या 265 तक पहुंच गई थी।
मार्च में कोरोना का पहला मरीज दून अस्पताल में ही भर्ती हुआ था। उसके बाद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दून मेडिकल अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। तब से यहां सिर्फ कोरोना मरीजों का ही उपचार किया जा रहा है। अब आईसीयू की बेड संख्या 35 तक पहुंच चुकी है। जहां गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि एक तो अस्पताल में सामान्य मरीजों को काउंसिलिंग कर होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। दूसरा अस्पताल में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। साथ ही सरकार ने निजी अस्पतालों में जो मरीजों को भर्ती करने की सुविधा दी है, इससे भी दून अस्पताल पर कुछ दबाव कम हुआ है।
इसके अलावा धीरे-धीरे कोरोना के प्रति लोगों में जागरुकता आई है, इससे लोग मास्क पहनना, उचित सामाजिक दूरी रखना जैसे बचाव के साधन अपना रहे हैं। इससे सामान्य मरीजों की संख्या में कमी आ रही है।