कोविड 19 के चलते कुमाऊं का पहला आई बैंक अटक गया है। देहरादून से टीम के निरीक्षण के लिए नहीं आने के कारण आई बैंक को अभी लाइसेंस नहीं मिल पाया है।
बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले एसटीएच के नेत्र रोग विभाग में आई बैंक बनना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 25 लाख रुपये भी स्वीकृत हुए थे। आई बैंक के लिए नई ओटी बनाने के साथ ही स्पेकुलर माइक्रोस्कोपी मशीन भी खरीद ली गई है। कार्निया डोनेट करने के लिए हल्द्वानी के 25 लोगों ने सहमति भी जता दी है।
नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गोविंद सिंह तितियाल ने बताया कि उक्त माइक्रोस्कोपी मशीन से आई बॉल से कार्निया निकालने के बाद देखा जाता है कि कार्निया कितना बेहतर है। बताया कि कार्निया को छह घंटे तक रखा जा सकता है। हालांकि प्रयास करना चाहिए कि जल्द से जल्द ट्रांसप्लांट किया जा सके।
जल्द ट्रांसप्लांट करने से परिणाम बेहतर आते हैं। लाइसेंस मिलने के बाद डाक्टर समेत स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि गढ़वाल में तीन आई बैंक हैं, जबकि कुमाऊं का यह पहला आई बैंक होगा। टीम के निरीक्षण कर लाइसेंस देने के साथ ही आगे का काम शुरू हो जाएगा।